शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी अपने महान स्वतंत्रता सेनानी दादा, वरिष्ठ पत्रकार पिता व सामाजिक कार्यकर्ता माँ से प्रेरणा लेकरराष्ट्र की सेवा करने के लक्ष्य के साथ भारतीय सेना में हुए थे शामिल


मणिपुर के चुराचांदपुर इलाके में उग्रवादियों ने कायराना हरकत की। शनिवार की सुबह असम राइफल्स की 46वीं बटालियन का काफिला इलाके से गुजर रहा था, तभी घात लगाकर बैठ उग्रवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में कर्नल विप्लव त्रिपाठी के साथ उनकी पत्नी समेत बेटे की भी मौत हो गई। कर्नल विप्लव त्रिपाठी कमांडिंग ऑफिसर थे। इस हमले में पांच जवान भी शहीद हो गए और जो घायल हुए हैं उनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। 

कर्नल के रिश्तेदार [मामा] राजेश पटनायक ने पत्रकारों से कहा कि विप्लव अपने दादा डॉ. किशोरी मोहन त्रिपाठी, एक महान स्वतंत्रता सेनानी,जो संविधान सभा के सदस्य भी थे से प्रेरणा लेकर, राष्ट्र की सेवा करने के लक्ष्य के साथ भारतीय सेना में शामिल हुए थे। सेना में जाने के लिए उनके पिता सुभाष त्रिपाठी जो एक वरिष्ठ पत्रकार हैं और उनकी माँ एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं उन्हें दोनों ने प्रोत्साहित किया। उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। हमें उस पर गर्व है। उनके छोटे भाई का नाम अनिल त्रिपाठी है। वे सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं।

खबर यह है कि मणिपुर में शनिवार को सेना के काफिले पर उग्रवादी हमला हुआ है। इस हमले में असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर समेत 5 जवान मारे गए हैं। वहीं, 46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी की पत्नी अनुजा शुक्ला (37) और बेटे आशीष त्रिपाठी (5) की भी इस हमले में मौत हो गई है। घटना चुराचांदपुर जिले के सिंघट में हुई, जहां उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर IED अटैक कर दिया। मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट (MNPF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल त्रिपाठी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के रहने वाले थे। उनका जन्म 1980 में हुआ था। उन्होंने सैनिक स्कूल रीवा में पढ़ाई की थी। असम राइफल्स में लेफ्टिनेंट कमांडेंड रहे त्रिपाठी को डिफेंस स्टडी में M.Sc. करने के बाद प्रोमोशन मिला था।


कर्नल विप्लव त्रिपाठी को जानने वाले उनकी दिल को छू लेने वाली मुस्कान को याद करते हैं। वे हमेशा प्रसन्नचित्त रहने वाले एक बेहतरीन इंसान थे। उनसे मिलने वाला व्यक्ति उनके करिश्माई व्यक्तित्व से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता था। अपने व्यवहार के कारण ही वे लोगों के बीच भी लोकप्रिय थे। यहां तक ही मिजोरम की जनता भी उनसे परिचित थी। वहां के लोगों से भी उनका विशेष लगाव था। 

4 जून, 2018 के बाद यह सुरक्षा बलों दूसरा बड़ा हमला था। इससे पहले चंदेल जिले में उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था जिसमें 18 जवान शहीद हो गए थे और कुछ जख्मी हो गए थे। 

उग्रवादियों ने पहाड़ी रास्ते पर पहले आईईडी विस्फोट किया और उसके बाद पहाड़ी के ऊपर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने पत्थर और पेड़ों की आड़ लेकर जवाबी फायरिंग शुरू की। सूत्रों के मुताबिक उग्रवादियों को उनके मूवमेंट की पूरी जानकारी थी। 


भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवने को मणिपुर आतंकवादी हमले के बारे में जानकारी दी गई है। हमले में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए म्यांमार बॉर्डर को सील कर वहां कड़ी नजर रखी जा रही है। आर्मी हेडक्वार्टर स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। 

मणिपुर में हुए आतंकी घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने कहा- मणिपुर में असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मैं उन सैनिकों और परिवार के सदस्यों को श्रद्धांजलि देता हूं, जो आज शहीद हुए हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

 वही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना पर शोक जताया है।

वही रक्सौल विधायक प्रमोद सिन्हा, एस.एल.के महाविद्यालय सीतामढ़ी प्राचार्य सह प्रदेश संयोजक, शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा, बिहार प्रो. डा. अनिल कुमार सिन्हा, भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री ई. जितेन्द्र कुमार, भाजयुमो के प्रो. मनीष दुबे, गुडू सिंह, भाजपा के सांसद प्रतिनिधि राजकिशोर भगत, पूर्व वार्ड पार्षद सह जदयू के नगर अध्यक्ष सुरेश कुमार,  सीमा जागरण मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष सह समाजसेवी महेश अग्रवाल, भारत विकास परिषद रक्सौल के अध्यक्ष डा. आर. पी. सिंह, मिडिया प्रभारी रजनीश प्रियदर्शी ने कहा कि मणिपुर के चुराचांदपुर में असम राइफल्स की 46वीं बटालियन के काफिले पर कायराना हमला बेहद दर्दनाक और निंदनीय है। शोकग्रस्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। अपराधियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।


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