नेपाल : ऑनलाइन कक्षाओं के चलते मोबाइल फोन के आयात में बृद्धि

 काठमांडू.- 


देश के सीमा शुल्क विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा कोविड 19 महामारी के बीच ऑनलाइन कक्षाओं ने नेपाल में मोबाइल फोन के आयात को बढ़ावा दिया. मिली रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन शिक्षण के चलते नेपाल में स्मार्टफोन की मांग में काफी वृद्धि हुई. अगर पूर्व  के आंकड़े को भी देखा जाए, तो मई-जून में खत्म होने वाले मौजूदा 2020 से 21 वित्तीय वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान मोबाइल फोन का आयात बढ़ा. मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल ने चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान 3414 करोड़ एनपीआर (287 मिलियन डॉलर) के मोबाइल फोन का आयात किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 1574 करोड़ एनपीआर था.

मोबाइल फोन की संख्या के संबंध में, चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान 65.5 लाख सेट आयात किए गए, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 40.7 लाख सेट का आयात किए गए थे. एक अधिकृत स्मार्टफोन वितरक टेली डायरेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने पत्रकारों को बताया कि  "शिक्षा के उद्देश्य से स्मार्टफोन की बढ़ती मांग मोबाइल फोन के आयात में भारी वृद्धि का मुख्य कारण है."

"एक और कारण यह है कि कोरोनावायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए किए गए सीमा नियंत्रण उपायों ने भी तस्करी और नकली मोबाइल फोन के प्रवेश को हतोत्साहित किया है." अग्रवाल के मुताबिक, पिछले साल नेपाल ने चीन से 60 फीसदी से ज्यादा मोबाइल फोन का आयात किया था.

सीमा शुल्क विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल ने चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान चीन से 2076.0005 करोड़ एनपीआर मूल्य के मोबाइल फोन आयात किए, जो कुल मूल्य का लगभग 61 प्रतिशत था. इस बीच, इसी अवधि के दौरान भारत से 1183 करोड़ एनपीआर मूल्य के मोबाइल फोन लाए गए.

काठमांडू में पाणिनी स्कूल छात्रों को सामान्य रूप से मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं देता है. लेकिन ऑनलाइन क्लास शुरू होने के बाद से लगभग 400 छात्रों ने ऐसे गैजेट्स को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं.

स्कूल चलाने वाले पाणिनी एजुकेशन नेटवर्क के संस्थापक प्राचार्य कर्ण बहादुर शाही ने कहा, कि महामारी की नई लहर में स्कूल बंद होने के दौरान काठमांडू घाटी सहित पुरे नेपाल में "हमारे अधिकांश छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे ."अतीत में, हमें छात्रों को मोबाइल फोन और अन्य गैजेट्स का अधिक उपयोग न करने की सलाह देनी होती थी, लेकिन कोविड 19 महामारी के कारण ऐसा गैजेट उनके अध्ययन के लिए अपरिहार्य हो गया है."

[वरीय पत्रकार अनिल तिवारी]

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